Tuesday, May 15, 2007

कुछ नये धंधे

कुछ नये धंधे
आलोक पुराणिक
शायद करोड़पति सज्जन थे। चेहरे पर ग्रेटनेस की चौबीस कैरेटी आभा, फर्स्ट ए सी में यात्रा कर रहे थे। रास्ते भर अपने धंधे के किस्से सुनाते रहे कि वह ऐसे महान, वह वैसे महान।
गाड़ी रात को ग्यारह बजे स्टेशन पहुंची, कुली से सामान उतरवाया, टैक्सी पकड़ने के लिए बाहर निकल पड़े।
मेरे मुंह से निकल गया-अरे कोई लेने नहीं आया आपको।
वो बोले रात में बेटे लेने आने की परेशानी क्यों उठायें, मैं ही चला जाऊंगा।
मैंने नोट किया, उनके मुंह का बड़प्पन नेताओं के ईमान की तरह एकदम गिरा सा दिख रहा था।
उनकी इस स्थिति में मुझे एक धंधे की संभावना नजर आयी-
स्टेशन, एयरपोर्ट रिसीवू और छोड़ू सर्विस
इस सेवा के तहत किसी बंदे को छोड़ने और रिसीव करने के विशेष इंतजाम किये जायेंगे।
ट्रेन पर चढ़ते समय और उतरते समय बंदा फील गुड करे, इसका चौकस इंतजाम किया जायेगा।
इसमें तीन तरह के सर्विस होगी। आर्डीनरी, स्पेशल, सुपर स्पेशल।
आर्डीनरी सर्विस में पांच बंदे पैसेंजर को छोड़ने जायेंगे। फूल-मालाएं लादकर विदा किया जायेगा। अगले स्टेशन पर पांच बंदे रिसीव करने आयेंगे, फूल-मालाओं के साथ।
कीमत सिर्फ दस हजार रुपये।
स्पेशल सर्विस में पांच माडल किस्म की कन्याएं पैसेंजर को छोड़ने आयेंगी। स्टेशन पर पहुंचकर पैसेंजर को किस भी करती रहेंगी, और हर दो मिनट बाद बोलेंगी कि ओह रीयली आई विल मिस यू।
पांच सुंदरियां पैसेंजर को रिसीव करने भी आयेंगी और फी किस दो हजार चार्ज करेंगी। पैसेंजर अगर ज्यादा फील गुड करे, तो अपनी मर्जी से एक्स्ट्रा टिप भी दे सकता है।
सुपर स्पेशल सर्विस में अमेरिकन, अंगरेज किस्म की कन्याएं छोड़ने आयेंगी।
सी आफ के टाइम पर एक धांसू म्यूजिक बजाया जायेगा।
रिसीव करने के टाइम पर एक स्पेशल बैंड म्यूजिक बजायेगा।
फुलमफुल जलवा रहेगा।
कीमत सिर्फ एक लाख रुपये।

रिश्तेदार प्रोवाइडिंग सर्विस
अभी कल पड़ोस में शादी हुई, श्रीवास्तवजी के यहां।
बड़ी-बड़ी किरकिरी हुई उनकी, कोई भी रिश्तेदार नहीं पहुंचा। ना साला, ना जीजा, ना बड़ा भाई, ना छोटा भाई।
श्रीवास्तवजी भी नहीं पहुंच पाये थे, किसी रिश्तेदार के परिवार में शादी में।
हर शादी में श्रीवास्तवजी को कोई काम पड़ गया था, सो जब श्रीवास्तवजी के यहां शादी हुई, तो सबने मिलकर श्रीवास्तवजी का काम लगा दिया।
बहुत परेशान थे। उनकी परेशानी में मुझे एक नये धंधे की संभावनाएं नजर आयीं-रिश्तेदार प्रोवाइडिंग सर्विस।
इसमें भी तीन तरह की सर्विस होगी-वन स्टार, थ्री स्टार, फाइव स्टार।
वन स्टार सर्विस में शहर के दूर के मुहल्लों से रिश्तेदार जुटाये जायेंगे-फी रिश्तेदार दो हजार। चार साले इकठ्ठे या चार भाई इकठ्ठे लेने पर पच्चीस परसेंट का डिस्काउंट दिया जायेगा।
थ्री स्टार सर्विस थोड़ी सी बेहतर इसलिए होगी कि इसमें रिश्तेदारों को किसी दूसरे शहर से लाया जायेगा। शहर के लोकल बंदों को रिश्तेदार बनाने में कभी-कभी पोल खुलने का खतरा हो सकता है।
इस सर्विस में रिश्तेदार खुद को आईएएस,बहुराष्टीय कंपियों के अधिकारी, सीरियल निर्माता, फैशन डिजाइनर बतायेंगे। मामला फुल चकाचक रहेगा। रिश्तेदार एकैदम फूं-फां टाइप बात करेंगे।
थ्री स्टार सर्विस में फी रिश्तेदार कीमत दस हजार रुपये।
फाइव स्टार सर्विस में हम आपके सारे रिश्तेदारों को एनआरआई बता देंगे।
इस पैकेज में चार अमेरिकन सुंदरियों को आप अपनी डिस्टेंट रिलेटिव बता सकते हैं।
इस पैकेज में आपके साले बोस्टन, टोरंटो, पेरिस, लंदन में अपने डिपार्टमेंटल स्टोरों, रेस्टोरेंटों के बारे में फुल फूं-फां इंप्रेशन झाड़ेंगे। आपके लोकल पड़ोसी गेस्ट लोग आपकी रिश्तेदारियों को देखकर दांतों तले उंगलियां दबा कर रह जायेंगे।
दो लाख डालर दें, तो पामेला एंडरसन को आपकी साली बताये जाने के इंतजाम भी इस सेवा में किये जा सकते हैं।
बताइए ये धंधे चलेंगे या नहीं।
आलोक पुराणिक एफ-1 बी-39 रामप्रस्थ गाजियाबाद -201011,फोन-9810019799

3 comments:

संजय बेंगाणी said...

धंधा खुब चलेगा जी. अपन को भी अपनी टीम में शामिल कर ले. टिप्पणी को ही आवेदन समझे. :)
वैसे जोधपुर में बाराती भाड़े पर मिलते है.

Raj said...

जनाब पहले कयो नही मिले, धन्य्वाद,मुझे भी शामिल कर लो, बोलो कब आउ भारत वापिस,आप का धंधा खुब फ़ले फ़ुले
राज

Udan Tashtari said...

अरे महाराज, चलेंगे क्या, दौड़ेंगे. पहला तो हमारे लिये सुपर स्पेशल वाला रिसिविंग का आर्डर बुक लें.

-और दूसरे वाले में टोरंटो वाला रिश्तेदार अपांईट कर दें.

आपस में कटम कट्टा. न आप पैसे लेना और दूसरे वाले के लिये न कुछ देना. मार्जिन आपका. आपका चेहरा तो चौबसी कैरट हो ही जायेगा, जब व्यापार इतना चलेगा. :)

बहुत कुशाग्र व्यवसायिक बुद्धि के आप धनी हैं. :) बधाई.