Thursday, May 10, 2007

तस्कर की गर्लफ्रेंड -एक पारिवारिक धारावाहिक

तस्कर की गर्लफ्रेंड उर्फ सास का खूनी बदला-एक पारिवारिक धारावाहिक-
आलोक पुराणिक
अच्छा राइटर सजेस्ट करो-मुंबई से सीरियल प्रोड्यूसर खोकावाला का फोन था।
देवकीनंदन खत्री, प्रेमचंद, मंटो, बहुत शानदार लिखा है इन्होने-मैंने सजेस्ट किया।
ओके इनके मोबाइल नंबर देने का-मुंबई के प्रोड्यूसर ने आगे कहा।
इनके मोबाइल नंबर नहीं हैं-मैंने कहा।
क्या बौत गरीब राइटर लोग है क्या, मोबाइल भी अफोर्ड नहीं कर सकते, तो क्या राइटिंग करेंगा। कुछ अच्छा राइटर बताओ ना-मुंबई के प्रोड्यूसर आगे बोले।
पर आपको राइटर क्यों चाहिए-अब मैंने पूछा।
एक ऐसा सीरियल बनाना है, जिसमें सास-बहू के इमोशन हों, जिसमें हारर का टेरर हो, जिसमें फैमिली कामेडी हो, जिसमें थ्रिल हो, सब मांगता, हमकू सब मांगता, तुम राइटर हो, तो लिखकर बताओ-टीवी प्रोड्यूसर आगे बोला।
एक दिन लगाया, और स्टोरी बनायी। अगले दिन फिर प्रोड्यूसर से बात हुई-
देखिये, स्टोरी कुछ ऐसी रहेगी कि एक सास होती है, और एक बहू होती है, सास एक दिन बाजार से भिंडी लेकर लौट रही थी, कि लौट कर हार्ड अटैक हो जाता है...
स्टोरी में क्राइम थ्रिलर एलीमेंट डालना मांगता। तू ऐसा दिखा कि सास को एक तस्कर गोली मारता है, समझ खाऊद भाई सास को गोली मारता है-प्रोड्यूसर ने कहा।
पर घरेलू सास को एक तस्कर मारेगा,इसमें अपन कैसे एडजस्ट करेंगे। सास का और तस्कर का लिंक कैसे जोड़ेंगे-मैंने परेशान होकर पूछा।
ओये लिंक मैं जोड़ देगा। मैं दिखा देगा फ्लैश बैक में कि तस्कर को पुराना बर्थ का स्टोरी याद आ गया। पुरानी बर्थ में सास उसका गर्लफ्रेंड था, उसने उसके साथ बेवफाई किया। सो पुराने जन्म की याद करके इस जन्म में गोली मार दिया, खल्लास। थ्रिल आयेंगा, मजा आयेंगा-प्रोड्यूसर ने मुझे समझाया।
पर इमोशनल स्टोरी में तुम तस्कर को कैसे एडजस्ट करेगा। फिर सीरियल में इमोशन फिर कैसे आयेगा-मैंने पूछा।
ओये आयेगा, बरोब्बर आयेगा। फिर इमोशन ऐसे आयेगा कि सास मरकर भूत बनेगी। भूत बनकर वह बहू को परेशान करने के लिए रोज रात में फ्रिज में रखा दूध पी जायेगी बिल्ली बनकर। सुबह बेटा चाय मांगेगा, चाय के लिए दूध नहीं होंगा, तो बेटे और बहू में झगड़ा होंगा। बेटा बहू से बोलेगा, आज तुम मुझको चाय भी नहीं देता, एक जमाने में तुम मुझसे कितना प्यार करता था, मेरे लिए जान देता था। बेटा रोयेगा, बहू भी शादी के पुराने दिनों की याद करके इमोशनल हो जायेगी। इमोशनल बहू को वो बिल्ली बनी सास घूरेगी, और एक झपट्टा मारकर घर से बाहर हो जायेगी। अगले दिन फिर आकर दूध पी जायेगी, इस तरह से हम एक महीने तक इमोशन दिखायेंगे। बिल्ली रात का सीन, म्याऊं, सन्नाटा, क्या सीन बनेला है बाप। एकदम थ्रिलिंग, हारर बाप, हारर बाप-खोकावाला स्टोरी को इमोशनल से हारर पर लाने लगे।
पर खोकावालाजी स्टोरी कईसे बनेंगा ऐसे-मैंने समझाने की कोशिश की।
स्टोरी नहीं मंगता, स्टोरी कौन मांगता तुमसे, अपन को इमोशन, हारर, थ्रिल मांगता है। स्टोरी-विस्टोरी लिख कर तुम राइटर लोग का दिमाग थकेला हो गया है। गिव मी हारर इमोशन थ्रिल फाइट- खोकावाला बोले।
देखिये एक काम इसमें यह हो सकता है कि हम स्टोरी में फाइट लाने के लिए ऐसा करते हैं कि सास को एक खतरनाक भूत बना देते हैं, जो रात में आकर बहू को डराती है ड्रेकुला की तरह। फिर ड्रेकुला और बहू में फाइट होती है, क्या हारर है-मैं स्टोरी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा हूं।
आइडिया ठीक है, पर ड्रेकुला बनाने में बजट बढ़ जायेगा, एक काम करने का । एक कुत्ता बना देते हैं, जो भौंकने के बजाय भूत सरीखा आवाज निकालेगा हौंओ हौंओ, बहू को कुत्ता डरा रहा है इसमें हारर है, डरी हुई बहू को बेटा समझाने की कोशिश कर रहा है, इसमें इमोशन है, पूरे छह महीने तो हम इसी पर खेंच जायेगा-मजा आ गया बाप-खोकावाला आश्वस्त हो रहे हैं कि सीरियल हिट जायेगा।
पर सीरियल का नाम क्या रखेंगे-मैंने पूछा।
तस्कर की गर्लफ्रेंड उर्फ सास का खूनी बदला-एक पारिवारिक धारावाहिक-खोकावाला ने सजेस्ट किया।
पर ये कुछ जासूसी सीरियल हो जायेगा ना-मैंने शंका व्यक्त की।
नो, फैमिली कामेडी सीरियल बना देंगा इसको ऐसा कि डरी हुई बहू को सांत्वना देने के लिए बहू की मां घर में आ जाती है। उसका अफेयर पड़ोस के गुप्ताजी से हो जाता है। फिर दोनों के अफेयर में कामेडी डाल देंगे कि बहू और बहू की मां दोनों समझ नहीं पाती कि गुप्ताजी किस पर लाइन मार रहे हैं-खोकावाला आगे सजेस्ट कर रहे हैं।
पर खोकावालाजी यह स्टोरी समझ नहीं आ रही मुझे-मैंने कहा।
समझ नहीं आ रही, ओके फिर तो बिलकुल हिट जायेगा। जो भी स्टोरी राइटर लोगों को समझ में आ जाती है, वह हिट नहीं होती, कम आन कल आ ना मुहूर्त करना है -तस्कर की गर्लफ्रेंड उर्फ सास का खूनी बदला-एक पारिवारिक धारावाहिक-का। वैसे मेरी कंपनी में रहेगा, तो कायदे का राइटर बन जायेगा। आ जा मुंबई-खोकावाला कर रहे हैं। सोच रहा हूं, सही राइटर बन ही जाऊं।
आलोक पुराणिक एफ-1 बी-39 रामप्रस्थ गाजियाबाद-201011 मो-9810018799

3 comments:

अरुण said...

पुराणिक जी बन ही जाओ सोप ओपेरा के राईटर हमे भी उम्मीद रहेगी कि अपना थोबडा भी कभी किसी न किसी हिरोईन के इस या पिछले जनम के आठवे दसवे पति या प्रेमी के नम्बर पर आ जायेगा

Udan Tashtari said...

लिखो लिखो, सिरियल वालों को आपकी बहुत जरुरत है. समय कम पड़े तो यहाँ सरका देना. आप ही के नाम से लिख देंगे. वो गाने लिखने वाले भाई साहब में तो हमें नाम भी नहीं बदलना पड़ता. :)

-समीर :)

Shrish said...

वाह ये धारावाहिक तो सुपरहिट होएगा पक्क। और आपको केकता कपूर के कैंप में एंट्री मिलने का फुल चांस है जी। लग जाइए बस।