किस्सा नंबर एक-शादी और प्यार
कामरेड नाराज थे, नान-कामरेड साथी को बोल दिया-अब हनीमून खत्म।
नान-कामरेड साथी का जवाब था-हू केयर्स, गेट लौस्ट।
कामरेड को इस जवाब की उम्मीद ना थी। कामरेड ने फिर वही किया, जो वह 77797979797 बार कर चुके थे।
कामरेड बोले-सो व्हाट, हनीमून खत्म होने से शादी तो खत्म नहीं होती। हम साथ रह सकते हैं। चलो चार-पांच महीने साथ रह सकते हैं। पर मैं अपने स्टैंड पर कायम हूं। हनीमून खत्म।
फिर कामरेड ने एक दिन फील किया कि पीछे से उन्हे एक जोरदार लात पड़ी है। शायद नान कामरेड साथी ने दी है ,जमा कर।
कामरेड नाराज हुए और बोले-मैं नाराज हूं। हनीमून खत्म।
नान कामरेड साथी ने कहा-अबे चिरकुट, हनीमून खत्म होने की बात तू सुबह से सातवीं बार बोल रहा है। कितनी बार हनीमून खत्म करेगा।
कामरेड ने कुछ कैलकुलेट करते हुए कहा-नहीं इस बार पक्का।
नान-कामरेड साथी ने मौज लेते हुए कहा-कामरेड हनीमून आप खत्म करने की बात कैसे कर सकते हो। आप तो बाहर से सपोर्ट देते रहे हो। कोई बाहर से ही हनीमून के लेवल पर कैसे पहुंच सकता है। अगर आप हनीमून की बात कर रहे हो, तो कबूल करो कि अंदर ही थे, और हनीमूनिंग कर रहे थे। पब्लिक को बताते रहे कि क्रांति कर रहे हैं, पर सच में हनीमून कर रहे थे।
कामरेड परेशान हो गये। पब्लिक जवाब मांगने लगी-कामरेड जब तुम बाहर थे, तो हनीमून कैसे कर रहे थे। इसका मतलब तुम बाहर दिखते थे, पर अंदर थे।
कामरेड परेशान हैं-हनीमून की बात मानें, तो अंदर साबित हो जायेंगे।
हनीमून की बात ना मानें, तो कैरेक्टर पर सवाल उठेंगे कि बाहर से कोई हनीमूनिंग कैसे कर सकता है।
कामरेड परेशान हैं, कैरेक्टर पर सवाल उठ रहे हैं।
आप बतायें कि कामरेड क्या करें।

खौं खौं हें हें
कामरेड परेशान हैं, आज कुछ बैलेंस खराब हो गया।
तय यह हुआ था कि नान कामरेड के सामने दिन में पचास बार हें हें करेंगे और पच्चीस बार खौं खौं करना है।
इस पर हें हें, उस पर खौं खौं।
बल्कि यह तक तय हो गया, कि खौं खौं हें हें हो पहले हो जायेगी। यह किसलिए हुई है, यह तय बाद में कर लेंगे।
रोज कामरेड नियम से इत्ती यूनिट हें हें और उत्ती यूनिट खौं खौं भिजवाते रहे।
रिसीव करने वाले उसे रद्दी की टोकरी में डालते रहे।
एक दिन कामरेड ने खौं खौं कुछ ज्यादा की।
जैसा कि होता था कि वह भी रद्दी में चली गयी।
कामरेड गुस्सा थे-इस बार मैं सीरियस हूं।
ओह, तो अब तक आप नान सीरियस थे क्या-नान कामरेड साथी ने पूछा।
नहीं इस बार सच्ची की खौं-खौं-कामरेड गुस्सा थे।
पर क्यों-नान कामरेड साथी ने पूछा।
कामरेड बोले-तुम्हारा चाल -चलन खराब है, अमेरिका से तुम्हारे रिश्ते हैं।
नान-कामरेड ने कहा-वो तुम्हे पहले क्यों नहीं दिखे। चाल- चलन तो हमारा हमेशा से ऐसा है। कामरेड बोले-जितना जब देखना अफोर्ड कर सकते हैं, उतना ही तो देखेंगे। अब तुम्हारी बदचलनी दिख रही है।
नान कामरेड साथी बोले-बदचलनी क्या है, इससे हमें क्या नुकसान हैं। इसकी स्टडी करने के लिए हम एक कमेटी बना देते हैं। जो रिपोर्ट दे देगी। बाद में देख लेंगे।
कामरेड जैसा कि अकसर होता है, इस बार भी राजी हो गये हैं।
पब्लिक मौज ले रही है कि कामरेड इत्ते भोले हैं कि बदचलनी अब तक देख ही ना पाये। कामरेड सचमुच बहुत भोले हैं।
खैर, कामरेड आदत के मुताबिक फिर खौं खौं कर रहे हैं, पब्लिक उसे हें हें समझकर हंस रही है।
कामरेड ने एक दिन आईने में देखा, तो डर गये। वह खुद को शेर समझकर दहाड़ते थे, पर उन्होने देखा कि जिसे वह दहाड़ समझते हैं, वह म्याऊं जैसा कुछ है।
कामरेड परेशान हैं, वह खौं खौं निकाल रहे हैं, पर हें हें ही निकल रही है।
कामरेड क्या करें, यह सोच रहे हैं।
सीनियर कामरेड ने बताया है कि कुछ ना करें, कमेटी की रिपोर्ट की प्रतीक्षा करें। कुछेक दिन में कोई नया घोटाला सामने आ जायेगा। संजय दत्त को मिली जमानत में पेंच हो जायेंगे। पब्लिक का ध्यान हट जायेगा। फिर आप खौं खौं करे, या म्याऊं, कोई फर्क नहीं पड़ता।
सो कामरेड अब प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कामरेड के कनफ्यूजन
कामरेड से पूछा किसी ने-कामरेड, इस न्यूक्लियर डील के रुक जाने से पाकिस्तान खुश होगा। भाजपा वाले खुश होंगे, चीन वाले खुश होंगे और आप खुश होंगे। तो बताइए कि आपको पाकिस्तान के साथ माना जाये या भाजपा के साथ।
कामरेड ने थोड़ा कैलकुलेट करके बताया-देखिये भाजपा के साथ नहीं हैं हम। भाजपा वाले अलग हल्ला मचायेंगे, हम अलग। भाजपा वाले अगर हो हो करेंगे, तो हम हाय हाय करेंगे। मतलब वैसे हम भाजपा के साथ खड़े दिखते हैं, वैसे हम पाकिस्तान के साथ खड़े भी दिख सकते हैं, पर वैसे तो हम कांग्रेस के साथ भी खड़े दिखते हैं। मतलब हम कांग्रेस को बाहर से सपोर्ट देते हैं। मतलब यूं तो चीन को भी हम यहां बाहर से ही सपोर्ट देते हैं। मतलब हम किसके साथ हैं, यह अभी क्लियर नहीं है।
कामरेड अभी कनफ्यूज्ड हैं कि वह कहां है। आपको पता लग जाये,तो उन्हे बता दीजिये प्लीज।
आलोक पुराणिक
मोबाइल-9810018799


बात में दम है, इसलिए नये बच्चों को सत्यनारायण कथा तो दूर, लकड़हारे तक के बारे में समझाना मुश्किल है। इस खाकसार ने एक नयी सत्यनारायण कथा तैयार की है, सो आपकी सब की सेवा में पेश है।
